बालोतरा, 27 अप्रैल। राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) चतुर्थ चरण के अंतर्गत बालोतरा शहर में आमजन की सुविधा के लिए जल प्रदाय तंत्र में सुधार, सीवरेज कार्य तथा अन्य आधारभूत विकास कार्य निरंतर कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में विद्यार्थियों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
आरयूआईडीपी प्रोजेक्ट के अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार जैन के मार्गदर्शन में सामुदायिक जागरूकता एवं जनसहभागिता यूनिट, बालोतरा द्वारा जनचेतना के माध्यम से परियोजना संदेश प्रसारित करने हेतु महात्मा गांधी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, हाउसिंग बोर्ड बालोतरा में विद्यार्थी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में सामुदायिक विकास विशेषज्ञ गायत्री गर्ग ने आरयूआईडीपी परियोजना के तहत संचालित पेयजल योजना कार्यों में छात्राओं की भूमिका एवं परियोजना में सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को जल प्रदाय तंत्र एवं सीवरेज कनेक्शन से संबंधित जानकारी देते हुए कहा कि परियोजना कार्यों में सहयोग करें तथा अपने परिवार के सदस्यों को भी सहयोग के लिए प्रेरित करें।
जल संरक्षण विषय पर संवेदक फर्म जीसीकेसी की प्रतिनिधि लक्ष्मी चौधरी ने कहा कि ’’जल ही जीवन है’’ और जल के बिना जीवन की कल्पना असंभव है। उन्होंने विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में जल बचाने के सरल उपाय बताए, जैसे फर्श को पाइप से धोने के बजाय पोछे से साफ करना, शेविंग करते समय नल खुला न छोड़ना तथा मग में पानी लेकर उपयोग करना। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी आदतों से भी काफी मात्रा में पेयजल बचाया जा सकता है, जो आज की बचत और आने वाले कल का सुरक्षित भविष्य है। इस दिशा में बच्चों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक देवकिशन ने भी जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यालयों में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए, जिससे विद्यार्थियों में जल संरक्षण के प्रति सहभागिता सुनिश्चित हो सके।
कार्यक्रम में अध्यापक चिमनलाल, माणकचंद, जुगल किशोर, करण सिंह एवं रमेश कुमार सहित विद्यालय स्टाफ ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
