“वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” 2026 का जिला स्तरीय कार्यक्रम का हुआ आयोजित
अमृत सरोवर पूजा, पौधारोपण और जनजागरण के साथ जल बचाने को लेकर जनभागीदारी का संकल्प
बालोतरा, 25 मई। ‘गंगा दशमी’ के पावन अवसर पर ग्राम पंचायत करमावास में सोमवार को “वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” के तहत जिला स्तरीय कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय अमृत सरोवर की पूजा-अर्चना के साथ हुई, जहां राज्य जीव जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत सिंह विश्नोई, सिवाना विधायक हमीरसिंह भायल, पचपदरा विधायक डॉ. अरुण चौधरी तथा भाजपा जिलाध्यक्ष भरत मोदी, अतिरिक्त जिला कलक्टर भुवनेश्वर सिंह चौहान, उपखंड अधिकारी सुरेन्द्र सिंह खंगारोत समेत स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं उपस्थित ग्रामीणों ने जल संरक्षण का संकल्प लिया। अभियान के तहत जल एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर विविध जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं एवं जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं द्वारा प्रभात फेरी निकालकर गांव में जल बचाओ एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
राज्य जीव जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंतसिंह विश्नोई, सिवाना विधायक हमीरसिंह भायल, पचपदरा विधायक डॉ. अरुण चौधरी तथा भाजपा जिलाध्यक्ष भरत मोदी ने अमृत सरोवर की पूजा-अर्चना कर अभियान का शुभारंभ किया। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम, पौधारोपण, जल संरक्षण विषयक प्रदर्शनी तथा जागरूकता रैली के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण के प्रति प्रेरित किया गया।
राज्य जीव जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत सिंह विश्नोई ने कहा कि “जल ही जीवन का आधार है और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए जल संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार “वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” के माध्यम से गांव-गांव तक जल बचाने एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचा रही है। उन्होंने लोगों से नशामुक्त समाज के निर्माण का आह्वान करते हुए कहा कि शरीर और प्रकृति दोनों को पवित्र रखना आवश्यक है।
जिले के प्रभारी सचिव हरलीलाल अटल ने गंगा दशमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मां गंगा का धरती पर अवतरण भागीरथ के अथक प्रयासों से संभव हुआ था और आज हमें भी जल संरक्षण के लिए उसी प्रकार के “भागीरथी प्रयास” करने होंगे। उन्होंने कहा कि भूजल स्तर बढ़ाने के लिए पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण एवं पुनर्जीवन अत्यंत आवश्यक है। हमारे पूर्वजों ने जल स्रोतों और प्राकृतिक संसाधनों को पूजनीय मानकर उनका संरक्षण किया, उसी परंपरा को आगे बढ़ाना आज की आवश्यकता है।
सिवाना विधायक हमीरसिंह भायल ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजना नहीं बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा एक जन आंदोलन बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि बढ़ते जल संकट को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति को पानी की एक-एक बूंद बचाने का संकल्प लेना होगा। गंगा दशमी से प्रारंभ होकर विश्व पर्यावरण दिवस तक चलने वाले इस अभियान के माध्यम से जल संरक्षण के महत्व को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने प्रवासी राजस्थानियों से भी अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए वर्षा जल संग्रहण एवं जल के सदुपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब और किसान के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, सड़क विकास एवं पेयजल परियोजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक विकास कार्य किए जा रहे हैं। पचपदरा और सिवाना विधानसभा क्षेत्रों में नर्मदा जल परियोजना को भी प्रगतिशील बताते हुए उन्होंने कहा कि पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।
पचपदरा विधायक डॉ. अरुण चौधरी ने आमजन से वर्षा जल संचयन अपनाने, पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण एवं अधिक से अधिक पौधारोपण करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मारवाड़ की परंपरा में तालाबों और जोहड़ों की पूजा की जाती रही है तथा जल संरक्षण के बिना जीवन संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनसहभागिता के साथ जल स्रोतों के जीर्णाेद्धार, साफ-सफाई और जल संग्रहण को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान लगाई गई प्रदर्शनी में जल संरक्षण के आधुनिक उपायों, पारंपरिक जल स्रोतों तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदर्शित की गईं। अभियान के तहत पौधारोपण कर हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का संदेश भी दिया गया। ग्रामीणों एवं युवाओं ने जल संरक्षण की शपथ लेकर अभियान को जन आंदोलन बनाने का संकल्प लिया।
“वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” के इस जिला स्तरीय आयोजन ने जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा एवं जनभागीदारी के महत्व को प्रभावी ढंग से रेखांकित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, ग्रामीणजन, महिलाएं एवं युवा उपस्थित रहे।
