बालोतरा, 25 अप्रैल। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 की वार्षिक कार्ययोजना को धरातल पर उतारने को जिला कलेक्ट्रेट में शनिवार को बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला कलक्टर भुवनेश्वर सिंह चौहान ने की। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर भुवनेश्वर सिंह चौहान ने बताया कि राज्य सरकार की बजट घोषणा 2025-26 के तहत इस योजना को प्रदेश में क्षेत्रीय विकास को गति देने के उद्देश्य से लागू किया गया है। योजना ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में लागू होगी, जिसके माध्यम से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि वित्तीय वर्ष 2025 26 में स्वीकृत कार्यों को शीघ्र अविलंब प्रारंभ करने के निर्देश दिए। जो कार्य प्रारंभ होने है, मिट्टी जांच प्रयोगशाला, पायलकला स्टेडियम निर्माण, इन विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश प्रदान किए की अविलंब इन कार्यों को स्वीकृत करवाने हेतु आवश्यक कार्यवाही करें। साथ ही सम्बंधित दस्तावेज जिला परिषद बाड़मेर भिजवाने के निर्देश दिए।
उन्होंने उप निदेशक कृषि विस्तार को निर्देश दिए कि मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला हेतु जो राशि आवंटित हुई है उसके अनुरूप अविलंब फिजीबिलिटी रिपोर्ट एवं प्रस्ताव तैयार कर मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भिजवाना। सुनिश्चित करें।
उन्होंने बताया कि जिले के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 1024.14 लाख रुपये के बजट प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। इन प्रस्तावों को जिला स्तरीय समिति से अनुमोदन के बाद राज्य स्तर पर भेजा जाएगा।
अतिरिक्त जिला कलक्टर ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र से संबंधित विकास कार्यों के प्रस्ताव 7 दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्ययोजना में स्थायी प्रकृति के ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो अन्य योजनाओं में शामिल नहीं हैं और जिनसे दीर्घकालीन लाभ सुनिश्चित हो।
बैठक में महिला सशक्तिकरण को विशेष प्राथमिकता देते हुए ‘रूरल वूमेन बीपीओ’ तथा ‘सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड कैपेसिटी बिल्डिंग’ की स्थापना के प्रस्ताव शामिल करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही कृषि, एमएसएमई, खेल एवं अन्य क्षेत्रों में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को सम्मिलित करने पर जोर दिया गया। उन्होंने योजना के तहत जनसहभागिता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि कुल राशि का 50 प्रतिशत तक कार्य जनभागीदारी से करवाया जाए। साथ ही आधारभूत संरचना के विकास एवं विभिन्न योजनाओं के अभिसरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। अतिरिक्त जिला कलक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रत्येक प्रस्तावित कार्य की लागत 10 लाख रुपये से कम नहीं होनी चाहिए तथा प्रस्ताव व्यावहारिक और यथार्थपरक हों। अपात्र श्रेणी के कार्यों के प्रस्ताव स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी हीराराम कलबी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित संभावित प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने का आश्वासन दिया।
