बालोतरा, 25 अप्रैल। जिले में चल रहे एचपीवी टीकाकरण विशेष महाभियान को लेकर सीएमएचओ डॉ वी आर चौधरी ने अभिभावकों से महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने कहा कि अभिभावक अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बेटियों को समय पर टीका लगवाएं, ताकि उन्हें भविष्य में गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर जैसे गंभीर रोग से सुरक्षित किया जा सके।उन्होंने स्पष्ट किया कि एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है। यह अन्य सरकारी टीकों की तरह ही विश्वसनीय है। अभिभावकों से आग्रह है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर फैल रही अफवाहों और भ्रामक जानकारियों से दूर रहें और बेटियों के स्वास्थ्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने शिक्षा विभाग एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि तय शेड्यूल के अनुसार अभियान का सफल संचालन सुनिश्चित किया जाए और अधिक से अधिक लाभार्थियों तक पहुंच बनाई जाए। जिले में करीब 35 हजार किशोरियों को इस अभियान के तहत चिन्हित किया गया है।
सीएमएचओ डॉ. वी आर चौधरी ने भी आमजन से अपील करते हुए कहा कि यूट्यूब सहित सोशल मीडिया पर कुछ गैर-विशेषज्ञ लोगों द्वारा वैक्सीन को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी अप्रमाणित जानकारियों पर विश्वास न करें। किसी भी शंका की स्थिति में अभिभावक अपने नजदीकी सरकारी या निजी अस्पताल के स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनीक) या शिशु रोग विशेषज्ञ (चाइल्ड स्पेशलिस्ट) से सही जानकारी प्राप्त करें। उन्होंने बताया कि यह वैक्सीन वर्षों से देश-विदेश में सुरक्षित रूप से उपयोग में लाई जा रही है और अब इसे सरकार ने नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में भी शामिल किया है।
सिंगल डोज, आसान प्रक्रिया
जिला कार्यक्रम अधिकारी विजय सिंह ने बताया कि यह टीका सिंगल डोज के रूप में दिया जा रहा है। टीकाकरण के लिए किशोरियों को आधार कार्ड, स्कूल आईडी या मार्कशीट जैसे आयु प्रमाण पत्र के साथ निर्धारित सेशन साइट पर पहुंचना होगा। साथ ही, उन्हें खाली पेट नहीं आने और हल्का नाश्ता कर के आने की सलाह दी गई है।
क्या है सर्वाइकल कैंसर?
जिला कार्यक्रम अधिकारी विजय सिंह ने बताया कि गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स) में होने वाला कैंसर, जिसे सर्वाइकल कैंसर कहा जाता है, मुख्यतः ह्यूमन पैपिलोमा वायरस के संक्रमण से होता है। लगभग 99.7ः मामलों में इसका कारण भ्च्ट संक्रमण होता है। भारत में महिलाओं में यह दूसरा सबसे आम कैंसर है। वर्ष 2022 में इसके लगभग 79,103 नए मामले सामने आए, जबकि 34,805 मौतें दर्ज की गईं। एचपीवी वैक्सीन वायरस की प्रमुख प्रजातियों (06, 11, 16, 18) से सुरक्षा प्रदान करती है, जिससे भविष्य में कैंसर का खतरा लगभग समाप्त हो जाता है।
किन्हें नहीं लगवाना चाहिए टीका?
गंभीर बीमारी से ग्रस्त किशोरियां, जिन्हें पहले वैक्सीन से एलर्जी हुई हो, पहले से एचपीवी टीका लगवा चुकी बालिकाएं, गर्भवती किशोरियां, निर्धारित आयु वर्ग से बाहर की बालिकाओं को यह टीका नहीं लगवाना चाहिए। जिला प्रशासन ने आमजन से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यह अभियान बेटियों के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अभिभावक इसमें सक्रिय भागीदारी निभाएं और समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करें।
