माँ जसोल के समस्त भक्तों की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं खुशहाली के लिए विशेष आहुतियाँ अर्पित, नवमी तक जारी रहेंगे धार्मिक अनुष्ठान
जसोल, 11 अक्टूबर 2026। आस्था एवं श्रद्धा के प्रमुख केंद्र, शक्तिपीठ श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल में रविवार को शारदीय नवरात्रा महोत्सव का भव्य शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार, विधिवत घटस्थापना एवं विशेष हवन-पूजन के साथ हुआ। इस पावन अवसर पर श्री नर्बदेश्वर महादेव मंदिर, जसोल के महंत श्री श्री 1008 श्री गणेशपुरी जी महाराज के पावन सान्निध्य में संस्थान के प्रवक्ता कुँवर हरिशचंद्र सिंह जसोल ने माँ जसोल के समस्त भक्तों के जीवन में सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, खुशहाली, क्षेत्र की उन्नति, राष्ट्र की समृद्धि एवं विश्वकल्याण की मंगलकामना का संकल्प लेकर विशेष पूजा-अर्चना की तथा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञाग्नि में विशेष आहुतियाँ अर्पित कीं।
विशेष हवन-पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठान श्री दूधेश्वर वेद विद्यापीठ, गाजियाबाद से पधारे विद्वान आचार्यों एवं पंडितजनों द्वारा विधि-विधानपूर्वक संपन्न करवाए गए। वैदिक मंत्रों की पावन ध्वनि, हवन की सुगंध एवं माँ माजीसा के जयकारों से संपूर्ण मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।
प्रथम दिवस माँ शैलपुत्री की विशेष आराधना
शारदीय नवरात्रा के प्रथम दिवस आदिशक्ति माँ दुर्गा के प्रथम स्वरूप माँ शैलपुत्री की विशेष आराधना की गई। घटस्थापना, कलश पूजन, गणपति पूजन, मातृका पूजन, नवग्रह पूजन, देवी आवाहन, षोडशोपचार पूजन, दुर्गासप्तशती पाठ, देवी मंत्र-जाप एवं विशेष हवन के माध्यम से माँ भगवती की आराधना की गई।
माँ शैलपुत्री की विशेष आराधना के दौरान परंपरानुसार शुद्ध घी का भोग अर्पित किया गया तथा श्वेत वस्त्र एवं पुष्पों से विधिवत पूजन किया गया। विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ माँ भगवती की आराधना कर समस्त श्रद्धालुओं के सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं कल्याण की मंगलकामना की गई।
इस पावन अवसर पर कन्या पूजन का भी आयोजन किया गया, जिसमें सर्व समाज की कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर विधिवत पूजन किया गया। कन्याओं को फल-प्रसाद अर्पित कर पूर्ण प्रसाद ग्रहण करवाया गया तथा दक्षिणा भेंट की गई।
संस्थान की ओर से आगामी नवमी तक प्रतिदिन नवदुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की विशेष पूजा-अर्चना, दुर्गासप्तशती पाठ, वैदिक मंत्र-जाप एवं हवन-पूजन के धार्मिक अनुष्ठान निरंतर जारी रहेंगे। प्रत्येक दिवस माँ भगवती के चरणों में समस्त भक्तों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली के लिए विशेष आहुतियाँ समर्पित की जाएँगी।
माँ जसोल के दर्शनार्थ उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
शारदीय नवरात्रा महोत्सव के शुभारंभ पर प्रातःकाल से ही जसोल धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुँचे श्रद्धालुओं ने श्री राणीसा भटियाणीसा, श्री बायोसा, श्री सवाई सिंह जी, श्री लाल बन्ना सा, श्री खेतलाजी एवं श्री काला-गौरा भैरूजी के दर्शन कर अपने एवं परिवार के जीवन में सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं खुशहाली की मंगलकामना की।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में नवविवाहित जोड़ों ने भी माँ जसोल के पावन दरबार में शीश नवाकर अपने नवदाम्पत्य जीवन की सुख-समृद्धि, पारिवारिक खुशहाली एवं मंगलमय भविष्य की कामना की। माँ जसोल के जयकारों एवं भक्तों की अटूट श्रद्धा से संपूर्ण जसोल धाम का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा।
पूर्णिमा तक प्रतिदिन रात्रि जागरण एवं भजनों की प्रस्तुति
शारदीय नवरात्रा महोत्सव के शुभारंभ से पूर्णिमा तक संस्थान परिसर में प्रतिदिन रात्रि जागरण का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान स्थानीय भजनियों द्वारा माँ जसोल की महिमा, भक्ति एवं आराधना से ओतप्रोत विशेष भजनों की प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी। भक्ति संगीत एवं जागरण के माध्यम से श्रद्धालु माँ जसोल की भक्ति में भाव-विभोर होंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधाओं एवं सुरक्षा के व्यापक प्रबंध
नवरात्रा महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए संस्थान द्वारा दर्शन, सुरक्षा एवं सुविधाओं के व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरों से सतत निगरानी, सुरक्षा कर्मचारियों की तैनाती, सुव्यवस्थित कतार प्रबंधन, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, गर्मी से राहत के लिए मिस्टिंग सिस्टम, छायादार शेड, मैटिंग व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए विशेष प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रसाद अर्पित करने की सुव्यवस्थित व्यवस्था के साथ प्रसाद को सुरक्षित रखने हेतु टोकन प्रणाली संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत श्रद्धालु निर्धारित व्यवस्था के अनुसार प्रसाद सुरक्षित रखवा सकते हैं तथा दर्शन लाभ प्राप्त करने के पश्चात टोकन के माध्यम से पुनः अपना प्रसाद प्राप्त कर सकते हैं।
इसके अतिरिक्त जूते-चप्पल रखने की सुव्यवस्थित सुविधा, विश्राम गृह, भोजन-प्रसाद ग्रहण करने की उत्तम व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। संस्थान द्वारा विकसित रिवर फ्रंट पार्किंग एवं संस्थान की पार्किंग स्थल पर श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग के लिए सुविधाएँ उपलब्ध करवाई गई हैं।
मंदिर परिसर में पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से समय-समय पर श्रद्धालुओं को दर्शन व्यवस्था, प्रवेश एवं निकास मार्ग, प्रसाद व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी देकर मार्गदर्शन किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालु सुगमता एवं व्यवस्थित रूप से दर्शन लाभ प्राप्त कर सकें।
श्री नर्बदेश्वर महादेव मंदिर में भी विशेष धार्मिक अनुष्ठान
शारदीय नवरात्रा के पावन अवसर पर श्री नर्बदेश्वर महादेव मंदिर, जसोल में भी वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष हवन-पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। इस अवसर पर भगवान महादेव एवं माँ भगवती की विशेष आराधना कर समस्त क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि, शांति एवं कल्याण की मंगलकामना की गई।
रावलगढ़ जसोल में संस्थान अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल ने अर्पित कीं विशेष आहुतियाँ
इसी क्रम में संस्थान के अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल के निजी निवास रावलगढ़, जसोल में भी शारदीय नवरात्रा के उपलक्ष्य में विशेष वैदिक हवन-पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए।
इस अवसर पर संस्थान अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल ने हवन-पूजन में विराजमान होकर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा माँ भगवती के चरणों में समस्त भक्तों, क्षेत्रवासियों एवं समाज की सुख-समृद्धि, शांति एवं कल्याण के लिए विशेष आहुतियाँ अर्पित कीं।
यहाँ श्री दूधेश्वर वेद विद्यापीठ, गाजियाबाद से पधारे विद्वान आचार्यों एवं पंडितजनों के साथ जसोल के स्थानीय पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करवाए गए।
श्री राणी रूपादे जी मंदिर, पालिया में भी विधिवत घटस्थापना
शारदीय नवरात्रा महोत्सव के अंतर्गत श्री राणी रूपादे जी मंदिर, पालिया में भी वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ घटस्थापना कर विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर श्री राणी रूपादे जी की विशेष पूजा-अर्चना एवं हवन के माध्यम से समस्त श्रद्धालुओं की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं मंगलमय जीवन की कामना की गई।
इस प्रकार शारदीय नवरात्रा के पावन अवसर पर जसोल धाम, श्री नर्बदेश्वर महादेव मंदिर, रावलगढ़ जसोल एवं श्री राणी रूपादे जी मंदिर, पालिया में आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों से संपूर्ण क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा।
