मोबाइल से दूरी, किताबों से दोस्ती का संदेश; पीएम श्री बालिका विद्यालय में ‘मिशन पढ़ो राजस्थान’ का आगाज
रीडिंग प्रमोशन कैंपेन के तहत विद्यार्थियों ने किया सामूहिक पठन
बालोतरा, 29 जुलाई। मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान के तृतीय चरण के अंतर्गत प्रदेशभर में संचालित मिशन पढ़ो राजस्थानदृरीडिंग प्रमोशन कैंपेन के तहत बुधवार को स्थानीय पीएम श्री राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, पादरू में अभियान का उत्साहपूर्ण शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नियमित पुस्तक पठन की आदत विकसित करना, भाषा दक्षता को बढ़ावा देना तथा मोबाइल और सोशल मीडिया की बढ़ती लत से दूर कर उन्हें पुस्तकों से जोड़ना रहा।
कार्यक्रम में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों को समूहवार बैठाकर सामूहिक पठन कराया गया। इस दौरान बच्चों ने कहानी, कविता एवं अन्य रोचक पाठों का सस्वर वाचन किया। शिक्षकों ने प्रेरणादायक कहानियां सुनाकर विद्यार्थियों को पढ़ने की आदत के महत्व से अवगत कराया तथा नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की भाषा दक्षता, उच्चारण, शब्द भंडार, अभिव्यक्ति क्षमता तथा आत्मविश्वास को विकसित करने का प्रयास किया गया। विद्यार्थियों ने भी पूरे उत्साह के साथ गतिविधियों में भाग लेकर पुस्तकों के प्रति अपनी रुचि का परिचय दिया।
विद्यालय की प्रधानाचार्य अल्का भुंड ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक उपयोग के कारण बच्चों का पुस्तकों से जुड़ाव लगातार कम होता जा रहा है। मोबाइल और सोशल मीडिया पर अधिक समय बिताने से उनकी एकाग्रता, अध्ययन क्षमता और रचनात्मक सोच प्रभावित होती है। ऐसे में ‘मिशन पढ़ो राजस्थान’ जैसे अभियान बच्चों में पढ़ने की संस्कृति विकसित करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।
उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे घर पर भी बच्चों के लिए अध्ययन का सकारात्मक वातावरण तैयार करें तथा प्रतिदिन कुछ समय पुस्तक पठन के लिए अवश्य निर्धारित करें। उन्होंने कहा कि यदि परिवार और विद्यालय मिलकर बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करें, तो उनका बौद्धिक, भाषाई एवं व्यक्तित्व विकास अधिक प्रभावी ढंग से संभव हो सकेगा।
उन्होने कहा कि रीडिंग प्रमोशन कैंपेन के माध्यम से विद्यार्थियों में पुस्तक पढ़ने के प्रति रुचि बढ़ेगी, उनकी सीखने की क्षमता में सुधार होगा तथा वे भविष्य में बेहतर नागरिक बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों को नियमित रूप से पुस्तकें पढ़ने और अपने साथियों को भी इस अभियान से जोड़ने के संकल्प के साथ हुआ।
-0-
