मलेरिया और डेंगू की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
खुले टांकों को ढकें, पानी की टंकियों व कूलरों में पानी जमा न रहने दें - डॉ. वांकाराम चौधरी
बालोतरा, 29 जुलाई। आगामी मानसून एवं मौसमी बीमारियों के मद्देनजर जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया और डेंगू की रोकथाम को लेकर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिला कलक्टर श्री सुशील कुमार यादव के निर्देशन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वांकाराम चौधरी ने चिकित्सा अधिकारियों को प्रभावी रोकथाम के लिए समय रहते आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वांकाराम चौधरी ने बताया कि वर्षा ऋतु में मच्छरों का प्रजनन तेजी से बढ़ता है, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए सभी ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां गत वर्ष मलेरिया एवं डेंगू के अधिक मरीज सामने आए थे। इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखते हुए फॉगिंग, एंटी लार्वा गतिविधियों और जनजागरूकता अभियान को गति देने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा विभाग के समस्त कार्मिकों को मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए संवेदनशील बनाया जाए तथा प्रत्येक स्तर पर प्रभावी निगरानी रखी जाए। साथ ही अस्पतालों में डेंगू एवं मलेरिया मरीजों के उपचार के लिए अलग वार्ड चिन्हित करने, आवश्यक दवाइयों, जांच किट एवं अन्य चिकित्सा संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता अभी से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। डॉ. चौधरी ने उपखंड अधिकारियों को भी चिकित्सा विभाग के अधिकारियों एवं कार्मिकों के साथ समन्वय स्थापित कर मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए क्षेत्रवार कार्ययोजना तैयार करने तथा उसके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं।
खुले टांकों को ढकें, जलभराव नहीं होने दें
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने में सभी नागरिक सहयोग करें। घरों, आंगनों और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें। विशेष रूप से पानी की टंकियों, टांकों, कूलरों, ड्रमों एवं अन्य जल संग्रहण पात्रों को नियमित रूप से साफ करें तथा उन्हें ढककर रखें। उन्होंने बताया कि बालोतरा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पानी का भंडारण प्रायः टांकों के माध्यम से किया जाता है। यदि इनकी नियमित सफाई नहीं की जाए अथवा इन्हें खुला छोड़ दिया जाए तो इनमें मच्छरों का प्रजनन तेजी से होता है, जिससे डेंगू और मलेरिया फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए सभी नागरिक टांकों की नियमित सफाई करें और खुले टांकों को अनिवार्य रूप से ढककर रखें।
सेक्टर स्तर पर गठित टीमों द्वारा घर-घर सर्वे
जिला कार्यक्रम अधिकारी विजय सिंह ने बताया कि मलेरिया एवं डेंगू पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सेक्टर स्तर पर टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें घर-घर सर्वे कर संभावित मरीजों की पहचान कर रही हैं तथा मच्छरों के प्रजनन स्थलों पर एंटी लार्वा गतिविधियां संचालित कर रही हैं। जलभराव वाले स्थानों पर आवश्यक उपचारात्मक कार्यवाही की जा रही है तथा लोगों को मच्छरों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि समय रहते रोकथाम के उपाय अपनाकर बीमारियों के प्रसार को रोकना है। इसके लिए आमजन का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि तेज बुखार, कंपकंपी, शरीर दर्द, सिरदर्द अथवा डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं तथा स्वयं दवा लेने से बचें। सामूहिक प्रयास और जनसहभागिता से ही मलेरिया एवं डेंगू जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है।
