गुरु पूर्णिमा पर जिलेभर में संत-महात्माओं एवं गुरुजनों का सम्मान
मुख्यमंत्री का ‘गुरु वंदन संदेश’ भेंट कर किया अभिनंदन, शिवधाम नागेश्वर महादेव मंदिर में संग्रहालय का शुभारंभ
बालोतरा, 29 जुलाई। प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार देवस्थान विभाग द्वारा गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर जिलेभर में संत-महात्माओं एवं गुरुजनों का सम्मान कर भारतीय संस्कृति में गुरु परंपरा के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान व्यक्त किया गया। इस अवसर पर विभिन्न आश्रमों एवं मंदिरों में पहुंचकर संतों का अभिनंदन किया गया तथा मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का विशेष गुरु वंदन संदेश’ भेंट किया गया।
देवस्थान विभाग की ओर से पूज्य संत श्री परशुराम गिरीजी, पूज्य संत श्री ओंकार भारती जी, पूज्य संत श्री नरसिंह दासजी महाराज, पूज्य संत श्री राघवदासजी महाराज, श्री अमृताराम जी महाराज, श्री गोविन्दराम जी महाराज, श्री शंभुराम जी महाराज, श्री रामस्नेही कासीराम जी महाराज, श्री निर्मलदास जी महाराज, श्री तुलसीराम जी महाराज, श्री ओम भारती महाराज, श्री निरंजन जी महाराज, श्री जोगनाथ जी महाराज, महंत श्री सुमेर भारती जी महाराज, महंत श्री 1008 अर्जुनगिरी जी महाराज तथा पूज्य संत श्री मोहन भारती जी के आश्रमों एवं मंदिरों में पहुंचकर उनका सम्मान एवं अभिनंदन किया गया। इस दौरान संत-महात्माओं को श्रीफल, शॉल, दुपट्टा, मिठाई तथा 2100 रुपए की सम्मान राशि भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया गया। साथ ही मुख्यमंत्री का विशेष ‘गुरु वंदन संदेश भी उन्हें सादर भेंट किया गया।
इसी क्रम में अतिरिक्त जिला कलक्टर भुवनेश्वर सिंह चौहान ने शिवधाम नागेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर संत महात्मा श्री हुकमानंद सरस्वती महाराज का शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर संत श्री हुकमानंद सरस्वती महाराज ने अपने पूज्य गुरु श्री श्री 1008 महंत श्री हीरानंद जी महाराज के जीवन एवं आध्यात्मिक योगदान पर आधारित संग्रहालय का शुभारंभ किया। संग्रहालय में उनके जीवन, साधना और समाज सेवा से जुड़े विभिन्न संस्मरणों एवं सामग्री को प्रदर्शित किया गया है।
अतिरिक्त जिला कलक्टर भुवनेश्वर सिंह चौहान ने गुरु परंपरा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को ज्ञान, संस्कार और जीवन मूल्यों का सर्वाेच्च मार्गदर्शक माना गया है। गुरु पूर्णिमा का पर्व समाज को अपने गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करने की प्रेरणा देता है।
