राजस्थान प्रवासी महासंघ के अध्यक्ष गंगासिंह राठौड़ को जन्मदिवस पर मिली शुभकामनाएँ
दिल्ली: बाबा रामदेवजी के परम भक्त, राजस्थान प्रवासी महासंघ सर्व समाज के यशस्वी अध्यक्ष, प्रख्यात समाजसेवी एवं कुशल संगठनकर्ता गंगा सिंह राठौड़ के जन्मदिवस पर समाज के विभिन्न वर्गों, संगठनों एवं शुभचिंतकों द्वारा हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की गईं।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि गंगासिंह राठौड़ का जीवन संघर्ष, परिश्रम, सेवा, नेतृत्व और समाज को साथ लेकर चलने की प्रेरणादायक मिसाल है। उन्होंने अपने कर्म, समर्पण और व्यवहार से यह सिद्ध किया है कि समाज में वास्तविक सम्मान पद से नहीं, बल्कि सेवा भावना, विनम्रता और अपनेपन से प्राप्त होता है।
दिल्ली जैसे विशाल महानगर में अपनी मेहनत, ईमानदारी और दूरदर्शी सोच के बल पर उन्होंने विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उनका जीवन मंत्र “किसी की लाइन काटने के बजाय अपनी नई लाइन खींचकर आगे बढ़ो” अनेक युवाओं और समाजबंधुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।
समाजसेवा के क्षेत्र में उनकी सबसे बड़ी विशेषता सभी वर्गों के लोगों को समान सम्मान देना है। उनके लिए न कोई छोटा है और न बड़ा, न अमीर और न गरीब। यही गुण उन्हें एक लोकप्रिय समाजसेवी एवं सफल संगठनकर्ता बनाता है। राजस्थान प्रवासी महासंघ को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने संगठन को केवल संस्था नहीं, बल्कि परिवार के रूप में विकसित करने का कार्य किया है। राठौड़ की सोच सदैव समाज को जोड़ने, युवाओं को नेतृत्व के अवसर देने, महिलाओं को सम्मान दिलाने तथा नई पीढ़ी को संस्कारों और समाजसेवा से जोड़ने की रही है। शिक्षा, खेल, सामाजिक एकता, सांस्कृतिक संरक्षण एवं संगठन विस्तार जैसे विषयों पर उनकी दूरदर्शी योजनाएँ समाज के लिए मार्गदर्शक सिद्ध हो रही हैं।
देश के विभिन्न शहरों में बसे समाजबंधुओं, व्यापारियों, उद्योगपतियों, समाजसेवियों एवं राजनीतिक नेतृत्व के साथ उनके मधुर संबंध हैं। उनकी सरलता, आत्मीयता और सहज उपलब्धता ने उन्हें समाज के हर वर्ग में सम्मान दिलाया है। अनेक संस्थाओं में महत्वपूर्ण दायित्व निभाते हुए उन्होंने समाजहित में उल्लेखनीय कार्य किए हैं और आज भी पूर्ण सक्रियता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।
जन्मदिवस के अवसर पर शुभचिंतकों ने उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, सुख-समृद्धि एवं निरंतर प्रगति की कामना करते हुए कहा कि उनका मार्गदर्शन समाज को आगे भी मिलता रहे। बाबा रामदेवजी एवं ईश्वर से प्रार्थना की गई कि वे समाज, संगठन और राष्ट्रहित में इसी प्रकार अपनी सेवाएँ देते हुए नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करें।
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