पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बने नरपत खान, 40 हजार से अधिक पौधे लगाकर जगाई हरियाली की अलख
विश्व पर्यावरण दिवस विशेष
बालोतरा/सिवाना। आज जब बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियां पूरी दुनिया के सामने खड़ी हैं, ऐसे समय में सिवाना क्षेत्र के पर्यावरण प्रेमी एवं आयुष विभाग के नर्सिंग ऑफिसर नरपत खान पर्यावरण संरक्षण की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरे हैं। पिछले कई वर्षों से वे अपने निजी संसाधनों और अथक प्रयासों के माध्यम से क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने तथा लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं।
कोरोना महामारी के दौरान जब लोगों में ऑक्सीजन और स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ी, तब नरपत खान ने अपनी निजी नर्सरी विकसित कर गिलोय, तुलसी सहित विभिन्न औषधीय, छायादार, फलदार एवं फूलदार पौधों का उत्पादन शुरू किया। इन पौधों का घर-घर वितरण कर उन्होंने लोगों को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उनके इस अभियान से क्षेत्र में हरियाली बढ़ने लगी और लोगों की पर्यावरण के प्रति रुचि भी मजबूत हुई। नरपत खान पिछले छह वर्षों से अपनी नियमित सरकारी सेवा के बाद भी पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने अपनी निजी नर्सरी में हजारों पौधे तैयार कर राष्ट्रीय पर्वों, सामाजिक कार्यक्रमों, विवाह समारोहों, श्रद्धांजलि सभाओं तथा अन्य आयोजनों में पौधे भेंट करने की अनूठी परंपरा शुरू की। साथ ही लोगों को पौधों की देखभाल और उन्हें बड़ा करने का संकल्प भी दिलाते हैं। अब तक वे अपने निजी खर्चे से 40 हजार से अधिक पौधे तैयार कर घर-घर, ढाणी-ढाणी, स्कूलों, खेत-खलिहानों, मंदिरों और दरगाहों में लगवा चुके हैं। उनके इस प्रयास का सकारात्मक प्रभाव पूरे सिवाना क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। पिछले पांच वर्षों से विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वे एक बड़े जन-जागरूकता समारोह का आयोजन करते हैं, जिसमें क्षेत्र के लोगों को आमंत्रित कर पौधों का निःशुल्क वितरण किया जाता है तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाता है। आयुष विभाग के वरिष्ठ नर्सिंग ऑफिसर होने के नाते नरपत खान औषधीय पौधों के महत्व को भी लोगों तक पहुंचा रहे हैं। वे विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधे तैयार कर घर-घर वितरित करते हैं तथा लोगों को प्राकृतिक जीवनशैली और स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति प्रेरित करते हैं। नरपत खान की इस अनूठी पहल से सिवाना क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है। उनके प्रयासों से अधिक से अधिक लोग पौधारोपण और हरियाली बढ़ाने के अभियान से जुड़ रहे हैं। उनका सपना है कि आने वाले वर्षों में सिवाना क्षेत्र और अधिक हरा-भरा एवं पर्यावरण के अनुकूल बने, जिससे आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सके।
विश्व पर्यावरण दिवस पर पौध वितरण कार्यक्रम:
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण प्रेमी एवं आयुष कंपाउंडर नरपत खान द्वारा पर्यावरण संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता तथा पौध वितरण को लेकर उनकी निजी नर्सरी में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन नृत्य गोपालराम महाराज, सिवाना के पावन सानिध्य में धूमधाम से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के दौरान छायादार एवं औषधीय पौधों का वितरण किया गया तथा उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इस अवसर पर नृत्य गोपालराम महाराज के करकमलों से पौधारोपण भी किया गया। नरपत खान पिछले छह वर्षों से लगातार पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। वे अब तक अपने निजी प्रयासों से 40 हजार से अधिक पौधे तैयार कर विभिन्न स्थानों पर लगवा चुके हैं तथा लोगों को निःशुल्क वितरित कर चुके हैं। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में करीब 300 से अधिक विभिन्न प्रजातियों के पौधे, जिनमें नीम, करंज, गुलमोहर, तुलसी, गिलोय, बिल्व, अर्जुन एवं रोहिड़ा सहित अन्य पौधे शामिल थे, लोगों को वितरित किए गए। साथ ही उपस्थित जनसमुदाय को पौधों की नियमित देखभाल करने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प एवं शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने आयुष कंपाउंडर नरपत खान के पर्यावरण संरक्षण संबंधी कार्यों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। सभी ने क्षेत्र में अधिक से अधिक पौधारोपण कर सिवाना को हराभरा बनाने का संदेश दिया। वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली जनभागीदारी की प्रक्रिया है। ऐसे प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ और हरित वातावरण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
