सिवाना के इतिहास को लेकर सिवाना दुर्ग की तलहटी में 4 करोड की लागत से पैनोरमा निर्माण होगा: लखावत
सिवाना के समृद्ध इतिहास और गौरवशाली विरासत को संरक्षित करने की दिशा में राजस्थान सरकार द्वारा पैनोरमा निर्माण की महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसको को लेकर आज शनिवार को राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष एव राज्य कैबिनेट मंत्री ओंकारसिंह लखावत ने सिवाना का दौरा कर सिवाना दुर्ग की तलहटी में प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया।
इस दौरान सिवाना दुर्ग की तलहटी में प्रस्तावित पैनोरमा निर्माण कार्य की संभावनाओं का अवलोकन कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। साथ ही, परियोजना को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के लिए प्रारंभिक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
वही मिडिया से वार्तालाप करते हुए राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकारसिंह लखावत ने बताया की सिवाना ऐतिहासिक दृष्टि से राष्ट्र रक्षा का एक प्रमुख केंद्र रहा है। इतिहास इस बात का साक्षी है कि जब परकीय शासकों ने हमला किया तो सिवाना और सिवाना के दुर्ग और यहां के योद्धाओं ने अपने प्राणों सर्वग करके अपनी सर्व शक्ति के साथ हमारी अस्मिता की, हमारी पूजा पद्धति की, हमारे शासन की और हमारी जीवन पद्धति की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राजस्थान सरकार ने इस बार इस बात का फैसला किया है कि हम सिवाना के अंदर एक पैनोरमा का निर्माण करेंगे, जिसमें सिवाना का जो ऐतिहासिक पक्ष है और हमारे पास में जो इतिहास के साक्ष्य हैं, अधिकृत रूप से आज की पीढ़ी को अवगत कराने के लिए, प्रेरणा देने के लिए, राष्ट्र में नव जागरण के लिए सिवाना एक केंद्र बिंदु बन करके खड़ा हो। जैसे महाराणा प्रताप को जब हम स्मरण करते हैं तो हल्दीघाटी को स्मरण करते हैं। तो यहां के छप्परों के पहाड़ ने भी यहां की रक्षा के लिए, यहां के इतिहास को बचाने के लिए, यहां के धर्म, यहां के शासन, यहां का जीवन पद्धति की रक्षा करने के लिए संघर्ष में भागीदार रहा है। यहां वीर योद्धाओं ने परकीय शासकों को युद्ध के मैदान में परास्त भी किया और अपना बलिदान भी दिया। तो हम इतिहास के सारे पृष्ठों को, हमारा प्रयास यह होगा कि जो प्रमुख घटनाक्रम हैं, उन सब को दिखाने वाला एक सिवाना का पैनोरमा का निर्माण हो।
पिछली सरकार के दौरान भी सिवाना विधायक हमीरसिंह भायल साहब ने इसके लिए बहुत प्रयास भी किया था, पर वो फारेस्ट में दर्ज था। इस कारण से वहां निर्माण कुछ किया जाना संभव नहीं था। इस बार इन सब प्रयासों से, अभी के प्रयास हुए और उसके बाद राज्य सरकार ने एक पैनोरमा स्वीकार किया है। हम न्यूनतम उसकी 4 करोड़ रुपए तक का व्यय आएगा और हम उसको पूरा करेंगे, समयबद्ध रूप से पूरा करेंगे। जमीन का कब्जा हमको उसमें मिल चुका है। हम उसकी tender प्रक्रिया के अंदर, मैं उम्मीद करता हूं कि आने वाले इसी एक महीने में उस प्रक्रिया को प्रारंभ करके और समय पर पूरा करके इस काम को प्रारंभ कर देंगे। मैं यहां के नागरिकों से, यहां के इतिहासकारों से और यहां के जो भी बुद्धिजीवी मानव भाव हैं, उनसे मैं आग्रह करूंगा कि इस यहां के इतिहास के बारे में अधिकृत रूप से अधिक से अधिक जानकारी यदि उनके पास हो तो हमको प्रदान करें ताकि हम उसको आधार बनाकर के यहां पर उस इतिहास को आमजन के लिए प्रदर्शित कर सकें। हम चाहते हैं कि सिवाना एक तीर्थांतर बन जाए। हम चाहते हैं सिवाना एक इतिहास का और पर्यटन का केंद्र बने। हम चाहते हैं कि जिसको भी राष्ट्रभक्ति का पाठ पढ़ना हो, वो सिवाना की पाठशाला में आकर के पढ़े। हमारा यह यही है।
इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ संवाद कर स्थानीय ऐतिहासिक महत्व, पर्यटन संभावनाओं तथा क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
