अल्पसंख्यक मामलात मंत्री ने मुख्यमंत्री मदरसा आधुनिकीकरण योजना के कार्य का लोकार्पण किया
पोकरण/ जैसलमेर। मदरसों में दीनी तालीम के साथ-साथ दुनियावी तालीम दिलाकर बच्चों को मुल्क की तरक्की में भागीदार बनाएं। दीन की तालीम जितनी जरूरी है उतनी ही दुनियावी तालीम अहमियत रखती है। बच्चों को कम्प्यूटर एवं तकनीकी शिक्षा दिलाएं, ताकि उनका भविष्य बेहतर हो सके। यह बात अल्पसंख्यक मामलात, वक़्फ़, उपनिवेशन, कृषि सिंचित क्षेत्र विकास एवं जल उपयोगिता विभाग मंत्री शाले मोहम्मद ने कही। मंत्री मदरसा अहले सुन्नत फैजाने शाह मर्दान शाह मोहनगढ़ में मुख्यमंत्री मदरसा आधुनिकीकरण योजना के अंतर्गत निर्मित भवन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मदरसा में मरहूम गाजी फकीर की स्मृति में निर्मित लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मदरसों में बेहतरीन शिक्षा देने के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं संचालित कर रही है। मुख्यमंत्री मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत भवन निर्माण, पाठ्यपुस्तक, खेलकूद सामग्री, आदर्श मदरसा, मदरसों में ड्यूल डेस्क, फर्नीचर, कम्प्यूटर, स्मार्ट क्लासरूम सहित तमाम प्रकार की सुविधाएं दे रही है। मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए बीमा योजना शुरू की है। अब तक महज आठवीं तक की शिक्षा दी जाती थी, अब दसवीं, बारहवीं के लिए स्टेट ओपन स्कूल से अनुबंध किया गया है। मदरसों में बारहवीं तक की निशुल्क शिक्षा दी जाएगी। पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है। सरकार की मंशा है कि मदरसों में अध्ययन करने वाले छात्रों को भी स्कूली छात्रों की तरह बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
