12 सितम्बर को भव्य रात्रि जागरण, 13 सितम्बर को महाप्रसादी, ध्वजारोहण एवं मुख्य धार्मिक कार्यक्रम
तिलवाड़ा/बालोतरा 11 सितंबर 2026: पश्चिमी राजस्थान की लोकआस्था के आराध्य संत शिरोमणि श्री रावल मल्लीनाथ जी एवं श्री राणी रूपादे जी की असीम कृपा से भादवा शुक्ल पक्ष प्रतिपदा एवं बीज के पावन अवसर पर 12 एवं 13 सितम्बर 2026 को पालिया–तिलवाड़ा में श्रद्धा, भक्ति एवं लोकपरंपरा से ओतप्रोत दो दिवसीय धार्मिक आयोजन होंगे।
श्री रावल मल्लीनाथ श्री राणी रूपादे संस्थान, तिलवाड़ा के तत्वावधान में 12 सितम्बर को श्री राणी रूपादे जी मंदिर, पालिया में भव्य रात्रि जागरण आयोजित होगा। जागरण में सुप्रसिद्ध वीणा वादक एवं भजन गायक महेशाराम मेघवंशी एवं भजन मंडली अपनी भक्तिमय प्रस्तुतियों के माध्यम से आराध्य देवों की महिमा का गुणगान करेंगे। रात्रि जागरण के दौरान संपूर्ण परिसर भक्तिरस एवं लोकआस्था से सराबोर रहेगा।
13 सितम्बर को प्रातः 7 बजे श्री राणी रूपादे जी मंदिर, पालिया में महाप्रसादी का आयोजन होगा। इसके पश्चात प्रातः 10:30 बजे श्री रावल मल्लीनाथ जी मंदिर, मालाजाल (तिलवाड़ा) में विधि-विधान एवं श्रद्धापूर्वक ध्वजारोहण किया जाएगा।
भादवा बीज का मुख्य धार्मिक कार्यक्रम प्रातः 11 बजे श्री राणी रूपादे जी मंदिर, पालिया में आयोजित होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता रावल श्री किशन सिंह जी जसोल करेंगे। वहीं श्री राजवीर सिंह जी चलकोई मुख्य वक्ता के रूप में संत शिरोमणि श्री रावल मल्लीनाथ जी के गौरवशाली व्यक्तित्व, शौर्य, अध्यात्म, सुशासन एवं लोककल्याणकारी जीवन पर अपने विचार व्यक्त करेंगे।
संस्थान के सचिव सुमेर सिंह वरिया ने बताया कि भादवा बीज का यह पावन अवसर संत शिरोमणि श्री रावल मल्लीनाथ जी एवं श्री राणी रूपादे जी के प्रति जन-जन की अटूट श्रद्धा, भक्ति और लोकआस्था का प्रतीक है। दो दिवसीय धार्मिक आयोजन को लेकर संस्थान द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं एवं तैयारियां की जा रही हैं, ताकि विभिन्न क्षेत्रों से पधारने वाले श्रद्धालु सुगमता से कार्यक्रमों में सहभागी होकर दर्शन एवं प्रसादी का लाभ प्राप्त कर सकें।
उन्होंने समस्त श्रद्धालुओं, धर्मप्रेमियों एवं क्षेत्रवासियों से 12 सितम्बर के रात्रि जागरण तथा 13 सितम्बर के महाप्रसादी, ध्वजारोहण एवं मुख्य धार्मिक कार्यक्रम में अधिकाधिक संख्या में पधारकर आयोजन की शोभा बढ़ाने तथा श्री रावल मल्लीनाथ जी एवं श्री राणी रूपादे जी का आशीर्वाद प्राप्त करने का आत्मीय आह्वान किया।
