भादवा बीज पर तिलवाड़ा में आयोजित हुए धार्मिक अनुष्ठान, ध्वजारोहण और अष्टप्रकृति महायज्ञ,
श्री रावल मल्लीनाथ जी की 708वीं जयंती को संपूर्ण मालाणी क्षेत्र में मनाने का आव्हान : रावल किशन सिंह जसोल
तिलवाड़ा, बालोतरा।
श्री रावल मल्लीनाथ श्री राणी रूपादे संस्थान, तिलवाड़ा के अधीनस्थ श्री राणी रूपादे जी मंदिर (पालिया) में भादवा शुक्ल पक्ष बीज के उपलक्ष में पूर्व संध्या प्रतिपदा को भव्य रात्रि जागरण का आयोजन हुआ। अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कलाकार महेशाराम मेघवंशी वीणा भजन गायक (छतांगढ़, जैसलमेर) ने अपनी सुमधुर वाणी में भजनों की प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें सुनकर भक्त भावविभोर हो उठे। इसी क्रम में श्री रावल मल्लीनाथ जी मंदिर, मालाजाल एवं श्री रावल मल्लीनाथ जी मंदिर, तिलवाड़ा (थान मल्लीनाथ) में भी रात्रि जागरण आयोजित हुआ, जिसमें जसोल नगर पालिका के स्थानीय भजनियों ने भक्ति रस से सराबोर प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर पालिया मंदिर परिसर में हवन-पूजन भी सम्पन्न हुआ।
संस्थान अध्यक्ष का संबोधन
भादवा बीज के शुभ अवसर पर मुख्य कार्यक्रम में धर्म प्रेमियों को संबोधित करते हुए संस्थान अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल ने कहा कि संत शिरोमणि श्री रावल मल्लीनाथ जी एवं श्री राणी रूपादे जी के उपदेश आज के युग में और भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि यह भूमि वीर योद्धाओं और महान संतों की तपोभूमि है। 650 वर्ष पूर्व यहां संतों का भव्य समागम हुआ था, जिसमें संत शिरोमणि श्री राणी रूपादे जी, उनके गुरु श्री उगमसी भाटी, गुरु भाई श्री मेघधारू जी, श्री महाराणा कुंभा व उनकी रानी सौभाग्य देवी, बाबा श्री रामदेव जी (पोकरण), श्री जैसल धाड़वी एवं उनकी रानी तोरल (गुजरात) सहित उस समय के अनेक समकालीन संत सम्मिलित हुए थे। उनके उस संत समागम में सामाजिक समरसता, धर्म एवं सत्य के मार्ग की जगाई गई जीत उसी ज्योत का अनुसरण कर अपने मनुष्य जीवन को सफल बनाना है।
संस्थान अध्यक्ष का आव्हान
श्री रावल मल्लीनाथ जी एवं श्री राणी रूपादे जी के समस्त भक्तों से संस्थान अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल ने मालाणी के संस्थापक, मालाणी के महादेव, महान तपस्वी संत एवं वीर योद्धा संत शिरोमणि श्री रावल मल्लीनाथ जी की 708वीं जयंती को संपूर्ण मालाणी क्षेत्र में मनाने को लेकर आव्हान किया।
श्री रावल मल्लीनाथ जी मंदिर (मालाजाल) भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की घोषणा
भादवा बीज की शुभ वेला में संस्थान अध्यक्ष ने कहा कि प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार के तहत मालाजाल मंदिर परिसर में 08 अगस्त 2025 को भूमि उत्खनन पूजन व 14 अगस्त को भव्य एवं दिव्य शिलान्यास कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। आगामी वर्ष 2026 विक्रम संवत 2083 भाद्रपद शुक्ल पक्ष द्वितीया को भव्य प्राण-प्रतिष्ठा का आयोजन प्रस्तावित है।
श्री रावल मल्लीनाथ पशु मेला, तिलवाड़ा का पुनरोद्धार
संस्थान अध्यक्ष ने संस्थान की गतिविधियों का उल्लेख करते हुए बताया कि श्री रावल मल्लीनाथ पशु मेला, तिलवाड़ा के पुनरोद्धार हेतु अष्टप्रकृति महायज्ञ की शुरुआत, लूणी नदी की स्वच्छता हेतु मरु गंगा आरती, ऑल इंडिया मारवाड़ी हॉर्स सोसायटी को सहयोग, वृक्षारोपण, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन और 2026 चैत्री मेले में आप सभी के सहयोग से नैत्र कुम्भ के आयोजन का संकल्प लिया है।
भव्य ध्वजारोहण समारोह
अभिजीत मुहूर्त की शुभ वेला में श्री रावल मल्लीनाथ जी मंदिर, मालाजाल (तिलवाड़ा) में रावल श्री मल्लीनाथ जी के वंशज, उन्हीं के 25वें गादीपति एवं संस्थान अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल ने ध्वजारोहण किया। इस मौके पर संस्थान समिति के सदस्यगण, मालाणी क्षेत्र के प्रबुद्धजन एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
अष्टप्रकृति महायज्ञ
भादवा बीज में उपलक्ष में तिलवाड़ा (थान मल्लीनाथ) स्थित श्री रावल मल्लीनाथ जी मंदिर में अष्टप्रकृति महायज्ञ का आयोजन हुआ। इसमें भक्तों की संपूर्ण मनःकामना पूर्ति हेतु संकल्प के साथ विशेष आहुतियां दी गईं।
लाभार्थी द्वारा महाप्रसादी का भोग
भादवा बीज के पावन अवसर पर लाभार्थी दिलीप सिंह सुपुत्र देवीसिंह निवासी खेलाणा, पोकरण (जैसलमेर) ने तिलवाड़ा स्थित श्री राणी रूपादे जी मंदिर (पालिया), श्री रावल मल्लीनाथ जी मंदिर (मालाजाल) एवं श्री रावल मल्लीनाथ जी मंदिर (थान मल्लीनाथ) में महाप्रसादी का भोग अर्पित कर दर्शनार्थियों में वितरण किया।
विशिष्ट अतिथि और श्रद्धालु उपस्थित
इस विशेष अवसर पर पचपदरा विधायक अरुण चौधरी, बालोतरा भाजपा जिला अध्यक्ष भरत भाई मोदी, संस्थान प्र. उपाध्यक्ष कुंवर हरिश्चंद्र सिंह जसोल, संस्थान सचिव सुमेर सिंह वरिया, समिति सदस्यगणों सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।