बालोतरा-बिठूजा के 800 से अधिक वस्त्र उद्योगों से जुड़ी समस्याओं के समाधान और CETP के उन्नयन का उठाया मुद्दा
बालोतरा। राजस्थान प्रदेश भाजपा कार्यसमिति सदस्य एवं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय विचार मंच के प्रदेश अध्यक्ष गणपत बांठिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को पत्र भेजकर बालोतरा एवं बिठूजा के वस्त्र उद्योगों तथा कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की है। बांठिया ने पर्यावरणीय मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करते हुए CETP से जुड़ी वस्त्र इकाइयों को विनियमित रूप से पुनः संचालन की अनुमति देने का आग्रह किया है।
बांठिया ने पत्र में बताया कि बालोतरा एवं बिठूजा औद्योगिक क्षेत्रों में मर्सराइजिंग, डाइंग और प्रिंटिंग सहित वस्त्र प्रसंस्करण की 800 से अधिक इकाइयां CETP से जुड़ी हैं। इनमें अधिकांश इकाइयां सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) श्रेणी की हैं। उन्होंने कहा कि वस्त्र प्रसंस्करण उद्योग राजस्थान की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देने के साथ ही बालोतरा जिले में बड़े स्तर पर रोजगार का प्रमुख माध्यम है।
सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले का दिया हवाला
बांठिया ने अपने अभ्यावेदन में सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष लंबित Suo Motu Writ (Civil) Petition No. 8/2025 – In Re: 2 Million Lives at Risk का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि CETP संचालन से संबंधित मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति वस्त्र उद्योगों के संचालन से जुड़े विषयों की निगरानी कर रही है।
उन्होंने कहा कि उद्योग से जुड़े वास्तविक और वैध पक्ष को समिति के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाना आवश्यक है, ताकि निर्णय लेते समय उद्योग, श्रमिकों और स्थानीय अर्थव्यवस्था के हितों को भी ध्यान में रखा जा सके।
तकनीकी और वैधानिक समस्याओं के परीक्षण के लिए समिति की मांग
बांठिया ने केंद्रीय गृह मंत्री से राजस्थान के वस्त्र उद्योग के सामने उत्पन्न तकनीकी, विधिक एवं वैधानिक चुनौतियों के परीक्षण के लिए उच्चस्तरीय एवं अधिकार-संपन्न समिति अथवा सक्षम अधिकारी नियुक्त करने की मांग की।
उन्होंने बालोतरा, जोधपुर और पाली के तीन प्रमुख वस्त्र क्लस्टरों से तृतीयक उपचारित अपशिष्ट जल के गहरे समुद्री निस्तारण के लिए रण ऑफ कच्छ तक बंद पाइपलाइन (Closed Conduit Line) बिछाने की व्यवहार्यता का अध्ययन कराने तथा इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करवाने का भी आग्रह किया।
ZLD और CETP के उन्नयन पर जोर
बांठिया ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान के वस्त्र उद्योगों के लिए दीर्घकालिक और पर्यावरण अनुकूल समाधान विकसित करने की आवश्यकता है। इसके लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय जरूरी है। उन्होंने Zero Liquid Discharge (ZLD) के अनुपालन के लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल तथा राजस्थान सरकार के बीच समन्वय स्थापित करने की मांग की। साथ ही CETP की आधारभूत संरचना के उन्नयन के लिए आवश्यक नीतिगत एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
बांठिया ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ हजारों श्रमिकों की आजीविका और बालोतरा सहित पश्चिमी राजस्थान के प्रमुख वस्त्र क्लस्टरों के भविष्य को सुरक्षित रखना भी आवश्यक है।
