सिवाना में उमड़ा आस्था का सैलाब:
रजत जयंती पंचान्हिका महोत्सव के चौथे दिन भक्ति और ज्ञान की गंगा बही
शाइन टुडे @सिवाना न्यूज नेटवर्क
राजस्थान की पावन धरा सिवाना इन दिनों भक्ति के अनूठे रंग में डूबी हुई है। मोकलसर रोड पर स्थित 'चंपावाड़ी ट्रस्ट' द्वारा आयोजित 'रजत जयंती पंचान्हिका महोत्सव' के चौथे दिन श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा। 25वीं वर्षगांठ के इस ऐतिहासिक अवसर पर खरतर गच्छाधिपति आचार्य भगवंत जिनमणि प्रभसूरीश्वर महाराज, गणी मयंकप्रभसागर महाराज, गणी मेहुलप्रभसागर महाराज आदि की पावन उपस्थिति ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया है।
गुरु भक्ति और संगीत की सुरमयी प्रस्तुति
महोत्सव के चौथे दिन की शुरुआत गुरुदेव के चरणों में 'भक्ति सुमन' अर्पित करने के साथ हुई। विख्यात भजन गायकों और वादकों की टोली ने समां बांध दिया। भजनों ने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया। संगीत की धुनों पर थिरकते श्रद्धालुओं और भक्ति के जयकारों से पूरा पंडाल गूंज उठा।
आध्यात्मिक प्रवचन: आत्मा के स्वरूप की पहचान
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ ज्ञान की चर्चा भी मुख्य आकर्षण रही। प्रवचन के दौरान गणी मेहुलप्रभसागर महाराज साहब ने जीवन के वास्तविक लक्ष्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने श्रोताओं से मर्मस्पर्शी सवाल किया कि "आखिर हम यहाँ क्या लेकर आए हैं और क्या लेकर जाएंगे?" उन्होंने आत्मा के स्वरूप और 'जड़-चेतन' के भेद को समझने पर जोर दिया, जिससे उपस्थित जनसमूह काफी प्रभावित दिखा।
रजत जयंती का भव्य आयोजन
चम्पावाड़ी संस्थान के अध्यक्ष संघवी वंशराज भंसाली ने बताया कि रजत जयंती महोत्सव सिवाना के जैन समाज के लिए एक गौरवशाली क्षण है। महोत्सव के आयोजन में चंपावाड़ी ट्रस्ट की भूमिका सराहनीय रही है। एंकर दिनेश भाई ने बड़े ही रोचक अंदाज में कार्यक्रम का संचालन किया, जिसकी प्रशंसा हर ओर हो रही है। रजत जयंती के उपलक्ष में आज शोभायात्रा का आयोजन किया गया जो सदर बाजार होकर पोल के अंदर गोडी पार्श्वनाथ जिनालय के दर्शन कर उम्मेदपुरा और हनवन्तपुरा के मंदिरों के दर्शन कर पुनः चम्पावाडी पहुँची। स्थान-स्थान पर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। मार्ग में भक्त नाचते झूमते चल रहे थे।
श्रद्धालुओं का उत्साह
समारोह के संयोजक बाबूलाल भंसाली ने बताया कि महोत्सव में भाग लेने के लिए न केवल सिवाना के, बल्कि दूर-दराज के शहरों से भी श्रद्धालु पहुँचे हैं। महावीर कांकरिया ने बताया कि चौथे दिन भक्तों की संख्या ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। लोगों के चेहरों पर झलकता आनंद और भक्ति का भाव इस बात का प्रतीक है कि यह महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक सामाजिक और आध्यात्मिक मिलन बन गया है।
भविष्य के कार्यक्रम
आने वाले बुधवार को सीमंधर स्वामी जिनालय पर ध्वजारोहण किया जाएगा। उसके बाद शांति स्नात्र पूजन का आयोजन तेजराज धूड़चन्द कांकरिया परिवार द्वारा किया जाएगा। धर्मसभा प्रवचन एवं चारित्र वंदनावली का आयोजन किया जाएगा।
