सिवाना: सिवाना कस्बे के देवन्दी रोड स्थित बाबा रामदेव मंदिर परिसर में रविवार को भील समाज द्वारा भारत आदिवासी पार्टी के संस्थापक कांति भाई रोत का भव्य स्वागत किया गया। डूंगरपुर से पहुंचे कांति भाई रोत का स्वागत ढोल-नगाड़ों, पारंपरिक साफा और मालाओं के साथ किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र में उत्साह और सामाजिक एकता का माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भील विकास समिति अध्यक्ष ओमप्रकाश भारतीय ने की, जबकि ट्राईबल टाइगर सेना ब्लॉक अध्यक्ष नवाराम खाखरलाई और बालाराम काठाडी के नेतृत्व में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
युवाओं को संबोधित करते हुए कांति भाई रोत ने कहा कि “शिक्षा शेरनी का दूध है, जो पियेगा वही दहाड़ेगा।” उन्होंने समाज से आह्वान किया कि शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, क्योंकि यही सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तिकरण का सबसे मजबूत साधन है।
पूर्व सिवाना ब्लॉक अध्यक्ष एवं गायक संपत भील हिंगलाज ने अपने संबोधन में कहा कि समाज को किसी भी राजनीतिक झंडे से ऊपर उठकर एक मंच पर आना चाहिए। एकजुटता से ही समाज अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर आगे बढ़ सकता है।इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविदों ने भी विचार व्यक्त किए। मुख्य रूप से भील विकास समिति उपाध्यक्ष रमेश सिवाना, जगताराम थापन, मेलाराम अर्जियाना, रतनलाल (वरिष्ठ अध्यापक), सूजाराम, ओमाराम भीमगोडा, मदन पादरली, धुखाराम सिवाना, ओमाराम रमणिया, खेताराम, जामताराम (वरिष्ठ अध्यापक), गोविंदराम, राणाराम (पंचायत समिति सदस्य) और समदड़ी ब्लॉक के वरिष्ठ अध्यापक हेमाराम रोहिसा उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में समाज की एकता, शिक्षा के प्रसार और युवाओं को संगठित करने का संकल्प लिया गया।
