मंत्री ने सदराऊ मदरसा में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की।
पोकरण/जैसलमेर। अल्पसंख्यक मामलात, वक़्फ़ एवं जन अभियोग निराकरण मंत्री शाले मोहम्मद सोमवार को जैसलमेर जिले के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने सदराऊ मदरसा में आयोजित जश्ने ईद मिलादुन्नबी के उर्स में शिरकत की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बालिकाओं को शिक्षा से जोड़कर उनके सपनों को परवाज़ दें। सरकार बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शिद्दत से प्रयास कर रही है। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, राजकीय अल्पसंख्यक बालिका आवासीय विद्यालय, राजस्थान मदरसा बोर्ड से पंजीकृत बालिका मदरसा में शिक्षा के साथ साथ आवासीय सुविधाएं दी जा रही है। इतना ही नहीं जिले के विभिन्न स्थानों पर बालिकाओं के लिए अलग से स्कूल एवं कॉलेज चलाए जा रहे हैं। अभिभावक जागरूकता के साथ अपने बच्चों का स्कूल, मदरसा में नामांकन करवाकर उन्हें देश के विकास में भागीदार बनाएं। बिना तालीम के तरक़्क़ी संभव नहीं है, तालीम ही बेहतर मुस्तकबिल का आधार है। हुजूर अलैहि सलाम ने भी शिक्षा पर बड़ा जोर दिया था। उन्होंने कहा था पढ़ने के लिए चाहे चीन ही क्यों न जाना पड़े, जाओ और पढ़ो। चीन का इसलिए कहा था कि अरब से चीन बहुत दूरी पर है और रास्ते बड़े कठिन एवं दुर्गम थे। हमें उनके बताए रास्ते पर चलना है। शिक्षा हासिल करने के लिए हर कठिनाइयों को झेलो, आधी रोटी खाओ, लेकिन अपने बच्चों को तालीम दिलाओ।
शिक्षा के लिए सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं; मंत्री शाले मोहम्मद ने कहा कि राजस्थान सरकार की ओर से हर गांव- ढाणी में प्राईमरी स्कूल खोले गए हैं। पंचायत मुख्यालय पर 12वीं स्कूल हैं और ब्लॉक पर लगभग कॉलेज शुरू कर दिए हैं। ब्लॉक स्तर पर छात्रावास चल रहे हैं। बच्चों के रहने के लिए सरकार ने इंतज़ाम कर रखे हैं। कोचिंग की व्यवस्थाएं सरकार ने निशुल्क करने के साथ ही उनके रहने के लिए 40 हजार रुपए सालाना किराया एवं भोजन के दिए जा रहे हैं। बालिकाओं के लिए स्कूटी सहित अन्य योजनाएं चल रही है। जागरूक रहकर आवेदन करेंगे तभी इन योजनाओं का लाभ मिल पाएगा।
